महा - प्रसाद दिया ताँरे कैल नमस्कार ।
दक्षिण हैते आइला प्रभु, - कहे समाचार ॥76॥
अनुवाद
माता शची के पास पहुँचकर, काल कृष्णदास ने सबसे पहले उन्हें प्रणाम किया और भोजन का अवशेष (महा-प्रसाद) दिया। फिर उन्होंने उन्हें यह शुभ समाचार सुनाया कि श्री चैतन्य महाप्रभु अपनी दक्षिण भारत यात्रा से लौट आए हैं।
Reaching Shachi Mata, Kala Krishnadas first greeted her and offered her Mahaprasad.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥