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श्री चैतन्य चरितामृत
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लीला 2: मध्य लीला
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अध्याय 10: महाप्रभु का जगन्नाथ पुरी लौट आना
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श्लोक 71
श्लोक
2.10.71
आर दिने प्रभु - स्थाने कैल निवेदन ।
आज्ञा देह’ गौड़ - देशे पाठाइ एक - जन ॥71॥
अनुवाद
अगले दिन सभी भक्तों ने श्री चैतन्य महाप्रभु से प्रार्थना की, “कृपया किसी व्यक्ति को बंगाल जाने की अनुमति दें।
The next day the devotees requested Sri Chaitanya Mahaprabhu, “Please allow one person to go to Bengal.”
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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