श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 2: मध्य लीला  »  अध्याय 10: महाप्रभु का जगन्नाथ पुरी लौट आना  »  श्लोक 37
 
 
श्लोक  2.10.37 
प्रभु कहे, - एइ देह तोमा - सबाकार ।
येइ तुमि कह, सेइ सम्मत आमार ॥37॥
 
 
अनुवाद
श्री चैतन्य महाप्रभु ने कहा, "मेरा शरीर आप सबका है। इसलिए आप जो भी कहें, मैं उससे सहमत हूँ।"
 
Sri Chaitanya Mahaprabhu said, "This body of mine belongs to all of you. Therefore, whatever you say, I accept it."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)