श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 2: मध्य लीला  »  अध्याय 1: श्री चैतन्य महाप्रभु की परवर्ती लीलाएँ  »  श्लोक 286
 
 
श्लोक  2.1.286 
एइ त’ कहिल मध्य - लीलार सूत्र - गण ।
शेष द्वादश व त्सरेर शुन विवरण ॥286॥
 
 
अनुवाद
इस प्रकार मैंने मध्यलीला का सारांश प्रस्तुत किया है। अब कृपया भगवान ने पिछले बारह वर्षों में जो लीलाएँ कीं, उन्हें सुनिए।
 
Thus I have summarized the Madhya Leela. Now please listen to the pastimes performed by Mahaprabhu in the last twelve years.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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