श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 2: मध्य लीला  »  अध्याय 1: श्री चैतन्य महाप्रभु की परवर्ती लीलाएँ  »  श्लोक 24
 
 
श्लोक  2.1.24 
नित्यानन्द - गोसाञिरे पाठाइल गौड़ - देशे ।
तेंहो गौड़ - देश भासाइल प्रेम - रसे ॥24॥
 
 
अनुवाद
भगवान श्री चैतन्य महाप्रभु ने जगन्नाथ पुरी से नित्यानंद प्रभु को बंगाल भेजा, जिसे गौड़ देश के नाम से जाना जाता है, और भगवान नित्यानंद प्रभु ने उस देश को भगवान की दिव्य प्रेममयी सेवा से भर दिया।
 
Sri Chaitanya Mahaprabhu sent Nityananda Prabhu from Jagannatha Puri to Bengal, known as Gaudadesha. Sri Nityananda Prabhu filled this country with transcendental loving devotion to the Lord.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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