श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 2: मध्य लीला  »  अध्याय 1: श्री चैतन्य महाप्रभु की परवर्ती लीलाएँ  »  श्लोक 232
 
 
श्लोक  2.1.232 
एइ मत च लि’ चलि’ आइला शान्तिपुरे ।
दिन पाँच - सात रहिला आचा र्येर घरे ॥232॥
 
 
अनुवाद
चलते-चलते श्री चैतन्य महाप्रभु शांतिपुर पहुँचे और अद्वैत आचार्य के घर पाँच से सात दिनों तक रुके।
 
Sri Chaitanya Mahaprabhu reached Shantipur on his way and stayed at Advaita Acharya's house for five to seven days.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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