श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 2: मध्य लीला  »  अध्याय 1: श्री चैतन्य महाप्रभु की परवर्ती लीलाएँ  »  श्लोक 209
 
 
श्लोक  2.1.209 
दैन्य - पत्री लि खि’ मोरे पाठाले बार बार ।
सेइ पत्री - द्वारा जानि तोमार व्यवहार ॥209॥
 
 
अनुवाद
"आपने अपनी विनम्रता दर्शाते हुए कई पत्र लिखे हैं। मैं उन पत्रों से आपके व्यवहार को समझ सकता हूँ।"
 
"You have written me many letters expressing your humility, which reflect your humbleness. I can understand your behavior from those letters.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)