vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य चरितामृत
»
लीला 2: मध्य लीला
»
अध्याय 1: श्री चैतन्य महाप्रभु की परवर्ती लीलाएँ
»
श्लोक 209
श्लोक
2.1.209
दैन्य - पत्री लि खि’ मोरे पाठाले बार बार ।
सेइ पत्री - द्वारा जानि तोमार व्यवहार ॥209॥
अनुवाद
"आपने अपनी विनम्रता दर्शाते हुए कई पत्र लिखे हैं। मैं उन पत्रों से आपके व्यवहार को समझ सकता हूँ।"
"You have written me many letters expressing your humility, which reflect your humbleness. I can understand your behavior from those letters.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×