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श्लोक 2.1.202  |
मोरे दया क रि’ कर स्व - दया सफल ।
अखिल ब्रह्माण्ड दे खुक तोमार दया - बल ॥202॥ |
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| अनुवाद |
| हम सबसे अधिक पतित हैं; अतः हम पर कृपा करने से आपकी कृपा सर्वाधिक सफल होती है। आपकी कृपा की शक्ति सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड में प्रकट हो! |
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| "We are the most fallen, so your mercy will be most successful if you show mercy to us. Let the entire universe witness the power of your mercy!" |
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