श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 2: मध्य लीला  »  अध्याय 1: श्री चैतन्य महाप्रभु की परवर्ती लीलाएँ  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  2.1.15 
चब्बि श वत्सर प्रभुर गृहे अवस्थान ।
ताहाँ ये करिला लीला - ‘आदिलीला’ नाम ॥15॥
 
 
अनुवाद
चौबीस वर्षों तक भगवान श्री चैतन्य महाप्रभु घर पर ही रहे और उस दौरान उन्होंने जो भी लीलाएँ कीं, उन्हें आदि-लीला कहा जाता है।
 
Sri Chaitanya Mahaprabhu stayed at home for twenty-four years and the pastimes he performed during this period are known as Adilila.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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