श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 2: मध्य लीला  »  अध्याय 1: श्री चैतन्य महाप्रभु की परवर्ती लीलाएँ  »  श्लोक 141
 
 
श्लोक  2.1.141 
पथे सार्वभौम सह सबार मिलन ।
सार्वभौम भट्टाचा र्येर काशीते गमन ॥141॥
 
 
अनुवाद
वाराणसी जाते समय सभी लोग सार्वभौम भट्टाचार्य से मिले।
 
Everyone met Sarvabhauma Bhattacharya on his way to Varanasi.
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd