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श्लोक 2.1.113  |
श्री - रङ्ग - पुरी सह ताहाञि मिलन ।
रामदास विप्रेर कैल दुःख - विमोचन ॥113॥ |
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| अनुवाद |
| श्री चैतन्य महाप्रभु ने तब श्री रंग पुरी से मुलाकात की और रामदास नामक एक ब्राह्मण के सभी कष्टों को कम किया। |
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| Thereafter, Sri Chaitanya Mahaprabhu met Sri Rangapuri and removed all the sufferings of a Brahmin named Ramdas. |
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