त्रिमल्ल - त्रिपदी - स्थान कैल दरशन ।
सर्वत्र करिल कृष्ण - नाम प्रचारण ॥105॥
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अनुवाद
उन्होंने तिरुमाला और तिरुपति नामक स्थानों का दौरा किया, जहां उन्होंने भगवान के पवित्र नाम के जाप का व्यापक प्रचार किया।
He visited the places called Tirumala and Tirupati and there he propagated the chanting of the holy name of the Lord everywhere.
तात्पर्य
यह पावन स्थल दक्षिण भारत के तंजौर/चित्तूर जिले में स्थित है। तिरुपति मंदिर व्येंकटचल की घाटी में स्थित है और उसमें भगवान रामचन्द्र का देवता है। व्येंकटचल के ऊपर बालाजी का प्रसिद्ध मंदिर है।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥