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अनुवाद
जब महान माली श्री चैतन्य महाप्रभु देखते हैं कि लोग कीर्तन कर रहे हैं, नाच रहे हैं और हँस रहे हैं, उनमें से कुछ लोग ज़मीन पर लोट रहे हैं और कुछ ऊँची आवाज़ में गुनगुना रहे हैं, तो वे बहुत प्रसन्नता से मुस्कुराते हैं।
When the great gardener Sri Chaitanya Mahaprabhu sees people chanting, dancing and laughing, some rolling on the ground and others roaring, he smiles with great joy.
तात्पर्य
श्री चैतन्य महाप्रभु का यह भाव कृष्ण चैतन्य आंदोलन में व्यस्त व्यक्तियों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। हमारे संस्थान ISKCON के प्रत्येक केंद्र में, हमने प्रत्येक रविवार को एक प्रेम भोज का आयोजन किया है, और जब हम वास्तव में लोगों को हमारे केंद्र में आते, जप करते, नृत्य करते, प्रसादम लेते, उल्लासित होते और पुस्तकें खरीदते हुए देखते हैं, तो हम जानते हैं कि निश्चित रूप से श्री चैतन्य महाप्रभु हमेशा ऐसी दिव्य गतिविधियों में मौजूद रहते हैं, और वह बहुत प्रसन्न और संतुष्ट होते हैं। इसलिए ISKCON के सदस्यों को इस आंदोलन को अधिक से अधिक बढ़ाना चाहिए, उन सिद्धांतों के अनुसार जिन पर हम वर्तमान में अमल करने का प्रयास कर रहे हैं। श्री चैतन्य महाप्रभु, इस प्रकार प्रसन्न होकर, उन पर कृपा बरसाते हुए मुस्कुराएंगे, और आंदोलन सफल होगा।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥