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श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 1: आदि लीला  »  अध्याय 9: भक्ति का कल्पवृक्ष  »  श्लोक 36
 
 
श्लोक  1.9.36 
अतएव आमि आज्ञा दि लुँ सबकारे ।
याहाँ ताहाँ प्रेम - फल दे ह’ यारे तारे ॥36॥
 
 
अनुवाद
“इसलिए मैं इस ब्रह्मांड के प्रत्येक व्यक्ति को आदेश देता हूं कि वह इस कृष्ण भावनामृत आंदोलन को स्वीकार करे और इसे सर्वत्र वितरित करे।
 
“Therefore I command every person in this universe to accept this Krishna consciousness movement and spread it everywhere.”
तात्पर्य
इस संदर्भ में श्रील भक्तविनोद ठाकुर द्वारा गाया गया एक गीत है:

एनेची औषधि माया नाशिवारा लागि'

हरिनाम-महामंत्र लाओ तुम माँगी'

भक्तविनोद प्रभु-चरणे पड़िया

सेई हरिनाम-मंत्र ला-इला माँगिया

इस संकीर्तन आंदोलन को भगवान चैतन्य महाप्रभु ने माया के भ्रम को दूर करने के लिए शुरू किया था, जिससे इस भौतिक दुनिया का हर व्यक्ति खुद को पदार्थ का उत्पाद मानता है और इसलिए शरीर से संबंधित कई कर्तव्य होने चाहिए। वास्तव में, जीवित प्राणी अपना भौतिक शरीर नहीं है: वह एक आध्यात्मिक आत्मा है। उसे आध्यात्मिक रूप से अनंत काल तक आनंदमय और ज्ञान से परिपूर्ण होने की आवश्यकता है, लेकिन दुर्भाग्य से वह खुद को शरीर के साथ पहचानता है, कभी मनुष्य के रूप में, कभी जानवर के रूप में, कभी पेड़ के रूप में, कभी जलीय प्राणी के रूप में, कभी देवता के रूप में, और इसी तरह। इस प्रकार शरीर के प्रत्येक परिवर्तन के साथ वह विभिन्न प्रकार की गतिविधियों के साथ एक अलग प्रकार की चेतना विकसित करता है और इस प्रकार भौतिक अस्तित्व में उलझ जाता है, एक शरीर से दूसरे शरीर में निरंतर स्थानांतरण होता रहता है। माया या भ्रम के प्रभाव में, वह अतीत या भविष्य पर विचार नहीं करता है, बल्कि वर्तमान के लिए उसे मिली छोटी जीवन अवधि से ही संतुष्ट है। इस भ्रम को मिटाने के लिए, श्री चैतन्य महाप्रभु संकीर्तन आंदोलन लाए हैं, और वह सभी से इसे स्वीकार करने और वितरित करने का अनुरोध करते हैं। एक व्यक्ति जो वास्तव में श्री भक्तविनोद ठाकुर का अनुयायी है, उसे तुरंत भगवान चैतन्य महाप्रभु के कमल चरणों में सम्मानपूर्वक नमन करके उनके अनुरोध को स्वीकार करना चाहिए और इस प्रकार उनसे हरे कृष्ण महा-मंत्र मांगना चाहिए। यदि कोई सौभाग्यशाली है जो प्रभु से हरे कृष्ण महामंत्र मांगता है, तो उसका जीवन सफल है।

 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)