vedamrit
Reset
Home
ग्रन्थ
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
श्रीमद् भगवद गीता
______________
श्री विष्णु पुराण
श्रीमद् भागवतम
______________
श्रीचैतन्य भागवत
वैष्णव भजन
About
Contact
श्री चैतन्य चरितामृत
»
लीला 1: आदि लीला
»
अध्याय 8: लेखक का कृष्ण तथा गुरु से आदेश प्राप्त करना
»
श्लोक 78
श्लोक
1.8.78
एइ ग्रन्थ लेखाय मोरे ‘मदन - मोहन’ ।
आमार लिखन येन शुकेर पठन ॥78॥
अनुवाद
वास्तव में श्री चैतन्यचरितामृत मेरी रचना नहीं, बल्कि श्री मदनमोहन की श्रुतलेखिका है। मेरी रचना तो तोते के दोहराने के समान है।
In fact, the Sri Chaitanya Charitamrita is not my work, but was dictated by Sri Madanmohan. My writing is merely parrot-like repetition.
✨ ai-generated
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd