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श्लोक 1.6.97  |
ए - सबाके शास्त्रे कहे ‘भक्त - अवता र’ ।
‘भक्त - अवता र’ - पद उपरि सबार ॥97॥ |
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| अनुवाद |
| शास्त्र उन्हें भक्तावतार कहते हैं। ऐसे अवतार का स्थान अन्य सभी से ऊपर होता है। |
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| The scriptures call him a devotee-incarnation. Such an incarnation has a status above all others. |
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