श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 1: आदि लीला  »  अध्याय 6: श्रीअद्वैत आचार्य की महिमाएँ अध्याय सात  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  1.6.7 
महा - विष्णु सृष्टि करेन जगदादि कार्य ।
ताँर अवतार साक्षातद्वैत आचार्य ॥7॥
 
 
अनुवाद
महाविष्णु ब्रह्माण्डों की रचना के सभी कार्य करते हैं। श्री अद्वैत आचार्य उनके प्रत्यक्ष अवतार हैं।
 
Maha Vishnu performs all the work of creating the universes. Sri Advaita Acharya is his direct incarnation.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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