|
| |
| |
श्लोक 1.6.35  |
याँर द्वारा कैल प्रभु कीर्तन प्रचार ।
याँर द्वारा कैल प्रभु जगनिस्तार ॥35॥ |
|
| |
| |
| अनुवाद |
| उन्हीं [अद्वैत आचार्य] के माध्यम से भगवान चैतन्य ने संकीर्तन आंदोलन का प्रसार किया और उन्हीं के माध्यम से उन्होंने संसार का उद्धार किया। |
| |
| Through him (Advaita Acharya) Sri Chaitanya Mahaprabhu spread the Sankirtan movement and through him he saved the world. |
| ✨ ai-generated |
| |
|