श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 1: आदि लीला  »  अध्याय 6: श्रीअद्वैत आचार्य की महिमाएँ अध्याय सात  »  श्लोक 28
 
 
श्लोक  1.6.28 
जीव निस्तारिल कृष्ण - भक्ति क रि’ दान ।
गीता - भागवते कैल भक्तिर व्याख्यान ॥28॥
 
 
अनुवाद
उन्होंने कृष्ण-भक्ति का दान देकर सभी जीवों का उद्धार किया। उन्होंने भक्ति के प्रकाश में भगवद्गीता और श्रीमद्भागवत की व्याख्या की।
 
He saved all beings by bestowing the gift of devotion to Krishna. He interpreted the Bhagavad Gita and the Srimad Bhagavatam in the light of devotion.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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