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श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 1: आदि लीला  »  अध्याय 6: श्रीअद्वैत आचार्य की महिमाएँ अध्याय सात  »  श्लोक 28
 
 
श्लोक  1.6.28 
जीव निस्तारिल कृष्ण - भक्ति क रि’ दान ।
गीता - भागवते कैल भक्तिर व्याख्यान ॥28॥
 
 
अनुवाद
उन्होंने कृष्ण-भक्ति का दान देकर सभी जीवों का उद्धार किया। उन्होंने भक्ति के प्रकाश में भगवद्गीता और श्रीमद्भागवत की व्याख्या की।
 
He saved all beings by bestowing the gift of devotion to Krishna. He interpreted the Bhagavad Gita and the Srimad Bhagavatam in the light of devotion.
तात्पर्य
यद्यपि श्री अद्वैत प्रभु विष्णु के अवतार हैं किंतु बद्ध जीवों के कल्याण के लिए उन्होंने स्वयं को परमेश्वर भगवान के एक परिचारक के रूप में प्रकट किया है, और अपनी सभी गतिविधियों में उन्होंने स्वयं को एक शाश्वत परिचारक साबित किया है। भगवान चैतन्य और भगवान नित्यानंद ने भी यही सिद्धांत प्रदर्शित किया, हालांकि वे भी विष्णु की श्रेणी में आते हैं। यदि भगवान चैतन्य, भगवान नित्यानंद और अद्वैत प्रभु ने इस भौतिक संसार के भीतर अपनी सर्व-शक्तिशाली विष्णु क्षमता का प्रदर्शन किया होता, तो लोग पहले से ही इस युग के जादू के तहत बन चुके निजीकरणवादियों, एकेश्वरवादियों और आत्म-पूजकों से भी बड़े निजीकरणवादी, एकेश्वरवादी और आत्म-पूजक बन जाते। इसलिए भगवान और उनके विभिन्न अवतारों और रूपों ने कंडीशन वाली आत्माओं को यह बताने के लिए भक्तों की भूमिका निभाई कि कैसे भक्ति सेवा की पारलौकिक स्थिति तक पहुंचा जाए। अद्वैत आचार्य विशेष रूप से कंडीशन वाली आत्माओं को भक्ति सेवा के बारे में सीखाना चाहते थे। आचार्य शब्द का अर्थ है "शिक्षक"। ऐसे शिक्षक का विशेष कार्य लोगों को कृष्ण चेतना वाला बनाना है। अद्वैत आचार्य के पदचिन्हों का अनुसरण करने वाले एक वास्तविक शिक्षक का कोई अन्य काम नहीं होता किंतु पूरी दुनिया में कृष्ण चेतना के सिद्धांतों का प्रचार करना है। एक आचार्य की वास्तविक योग्यता यह होती है कि वह स्वयं को सर्वोच्च के सेवक के रूप में प्रस्तुत करता है। ऐसा वास्तविक आचार्य उन नास्तिक व्यक्तियों की दानवीय गतिविधियों का समर्थन कभी नहीं कर सकता जो स्वयं को भगवान के रूप में प्रस्तुत करते हैं। एक आचार्य का मुख्य काम भोले-भाले लोगों के सामने भगवान के रूप में पोज देने वाले ऐसे धोखेबाजों को चुनौती देना है।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)