vedamrit
Reset
Home
ग्रन्थ
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
श्रीमद् भगवद गीता
______________
श्री विष्णु पुराण
श्रीमद् भागवतम
______________
श्रीचैतन्य भागवत
वैष्णव भजन
About
Contact
श्री चैतन्य चरितामृत
»
लीला 1: आदि लीला
»
अध्याय 6: श्रीअद्वैत आचार्य की महिमाएँ अध्याय सात
»
श्लोक 20
श्लोक
1.6.20
अद्वैत - रूपे करे शक्ति - सञ्चारण ।
अतएव अद्वैत हयेन मुख्य कारण ॥20॥
अनुवाद
अद्वैत के रूप में वे भौतिक अवयवों में सृजनात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं। अतः अद्वैत ही सृष्टि का मूल कारण है।
In the form of Advaita, He imbues the material elements with creative power. Therefore, Advaita is the root cause of creation.
✨ ai-generated
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd