श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 1: आदि लीला  »  अध्याय 5: भगवान् नित्यानन्द बलराम की महिमाएँ  »  श्लोक 92
 
 
श्लोक  1.5.92 
एइ त’ नवम श्लोकेर अर्थ - विवरण ।
दशम श्लोकेर अर्थ शुन दिया मन ॥92॥
 
 
अनुवाद
इस प्रकार मैंने नौवाँ श्लोक समझाया है, अब मैं दसवाँ श्लोक समझाऊँगा। कृपया ध्यानपूर्वक सुनें।
 
In this way I have explained the ninth verse and now I will explain the tenth verse.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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