श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 1: आदि लीला  »  अध्याय 5: भगवान् नित्यानन्द बलराम की महिमाएँ  »  श्लोक 91
 
 
श्लोक  1.5.91 
सेइ त’ पुरुष याँर ‘अंश’ धरे नाम ।
चैतन्येर सङ्गे सेइ नित्यानन्द - राम ॥91॥
 
 
अनुवाद
वह महापुरुष [कारणोदकशायी विष्णु] भगवान नित्यानंद बलराम के पूर्ण अंश के रूप में जाने जाते हैं, जो भगवान चैतन्य के प्रिय पार्षद हैं।
 
The nine great men (Karnodakshayi Vishnu) are complete parts of Lord Nityananda Balaram, the beloved companion of Chaitanya Mahaprabhu.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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