| श्री चैतन्य चरितामृत » लीला 1: आदि लीला » अध्याय 5: भगवान् नित्यानन्द बलराम की महिमाएँ » श्लोक 80 |
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| | | | श्लोक 1.5.80  | सेइ पुरुष सृष्टि - स्थिति - प्रलयेर कर्ता ।
नाना अवतार करे, जगतेर भर्ता ॥80॥ | | | | | | | अनुवाद | | वे पुरुष (कारणोदकशायी विष्णु) सृष्टि, पालन और संहार के कर्ता हैं। वे अनेक अवतारों में प्रकट होते हैं, क्योंकि वे जगत के पालनकर्ता हैं। | | | | He (Vishnu), the creator, preserver, and destroyer, manifests himself in various incarnations because he is the preserver of the universe. | | ✨ ai-generated | | |
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