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श्लोक 1.5.220  |
वाम - पाचे श्री - राधिका सखी - गण - सङ्गे ।
रासादिक - लीला प्रभु करे कत रङ्गे ॥220॥ |
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| अनुवाद |
| उनके बायीं ओर श्रीमती राधारानी और उनकी सखियाँ विराजमान हैं। उनके साथ भगवान गोविन्द रासलीला तथा अन्य अनेक लीलाओं का आनंद लेते हैं। |
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| To His left are Srimati Radharani and His personal friends. Lord Govinda enjoys the Raas Leela and many other pastimes with them. |
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