श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 1: आदि लीला  »  अध्याय 5: भगवान् नित्यानन्द बलराम की महिमाएँ  »  श्लोक 181
 
 
श्लोक  1.5.181 
नैहाटि - निकटे झामटपुर’ नामे ग्राम ।
ताँहा स्वप्ने देखा दिला नित्यानन्द - राम ॥181॥
 
 
अनुवाद
नैहाटी के निकट झामटपुरा गांव में भगवान नित्यानंद ने मुझे स्वप्न में दर्शन दिये।
 
Nityananda Prabhu appeared to me in a dream in Jhamatpur village near Naihati.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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