श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 1: आदि लीला  »  अध्याय 5: भगवान् नित्यानन्द बलराम की महिमाएँ  »  श्लोक 175
 
 
श्लोक  1.5.175 
दुइ भाइ एक - तनु - समान - प्रकाश ।
नित्यानन्द ना मान, तोमार हबे सर्व - नाश ॥175॥
 
 
अनुवाद
मैंने उससे कहा, "ये दोनों भाई एक शरीर के समान हैं; ये दोनों एक ही स्वरूप हैं। यदि तुम भगवान नित्यानंद में विश्वास नहीं करते, तो तुम नीचे गिर जाओगे।"
 
I told him, "These two brothers are like one body; they are one and the same. If you do not have faith in Lord Nityananda, you will fall."
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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