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अध्याय 5: भगवान् नित्यानन्द बलराम की महिमाएँ
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श्लोक 161
श्लोक
1.5.161
अवधूत गोसाञि र एक भृत्य प्रेम - धाम ।
मीनकेतन रामदास हय ताँर नाम ॥161॥
अनुवाद
भगवान नित्यानंद प्रभु के एक सेवक थे जिनका नाम श्री मीनकेतन रामदास था, जो प्रेम के भंडार थे।
Nityananda Prabhu had a servant named Shri Meenketan Ramdas, who was a reservoir of love.
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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