श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 1: आदि लीला  »  अध्याय 5: भगवान् नित्यानन्द बलराम की महिमाएँ  »  श्लोक 116
 
 
श्लोक  1.5.116 
सेइ विष्णु हय याँर अंशांशेर अंश ।
सेइ प्रभु नित्यानन्द सर्व - अवतंस ॥116॥
 
 
अनुवाद
भगवान विष्णु भगवान नित्यानन्द के पूर्ण अंश के एक अंश मात्र हैं, जो समस्त अवतारों के स्रोत हैं।
 
This Lord Vishnu is also a part of the complete part of Lord Nityananda, because Lord Nityananda is the origin of all incarnations.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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