श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 1: आदि लीला  »  अध्याय 4: श्री चैतन्य महाप्रभु के प्राकट्य के गुह्य कारण  »  श्लोक 60
 
 
श्लोक  1.4.60 
ह्लादिनी कराय कृष्णे आनन्दास्वादन ।
ह्लादिनीर द्वारा करे भक्तेर पोषण ॥60॥
 
 
अनुवाद
वह ह्लादिनी शक्ति कृष्ण को प्रसन्नता प्रदान करती है तथा उनके भक्तों का पोषण करती है।
 
This Hladini Shakti gives joy to Krishna and nourishes His devotees.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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