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श्लोक 1.4.226  |
सेइ द्वारे प्रवर्ताइल कलि - युग - धर्म ।
चैतन्येर दासे जाने एइ सब मर्म ॥226॥ |
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| अनुवाद |
| इस प्रकार उन्होंने कलियुग के लिए धर्म का प्रवर्तन किया। भगवान चैतन्य के भक्त इन सभी सत्यों को जानते हैं। |
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| In this way he established the Dharma for the Kaliyuga. Devotees of Sri Chaitanya Mahaprabhu know all these truths. |
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