श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 1: आदि लीला  »  अध्याय 3: श्री चैतन्य महाप्रभु के प्राकट्य के बाह्य कारण  »  श्लोक 84
 
 
श्लोक  1.3.84 
भागवत, भारत - शास्त्र, आगम, पुराण ।
चैतन्य - कृष्ण - अवतारे प्रकट प्रमाण ॥84॥
 
 
अनुवाद
श्रीमद्भागवत, महाभारत, पुराण तथा अन्य वैदिक साहित्य सभी इस बात का प्रमाण देते हैं कि भगवान श्रीकृष्ण चैतन्य महाप्रभु कृष्ण के अवतार हैं।
 
Srimad Bhagavata, Mahabharata, Puranas and other Vedic literature provide evidence to prove that Sri Krishna is the incarnation of Chaitanya Mahaprabhu Krishna.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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