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श्लोक 80
श्लोक
1.3.80
‘भागवत - सन्दर्भ - ग्रन्थेर मङ्गलाचरणे ।
ए - श्लोक जीव - गोसाबि करियाछेन व्याख्याने ॥80॥
अनुवाद
भागवत-सन्दर्भ के शुभ परिचय में श्रील जीव गोस्वामी ने स्पष्टीकरण के रूप में निम्नलिखित श्लोक दिया है।
In the Mangalacharan of Bhagavata-Sandarsha, Srila Jiva Goswami has given the following verse in its explanation.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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