उत्सीदेयुरिमे लोका न कुर्या कर्म चेदहम् ।
सङ्करस्य च कर्ता स्यामुपहन्यामिमाः प्रजाः ॥24॥
अनुवाद
“यदि मैं धर्म के उचित सिद्धांतों का पालन न करूँ, तो ये सभी लोक नष्ट हो जाएँगे। मैं अवांछित जनसंख्या का कारण बनूँगा और इन सभी जीवों को नष्ट कर दूँगा।”
“If I did not demonstrate the correct principles of Dharma, all these worlds would be destroyed and I would cause unwanted population and destroy all these living beings.”
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥