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श्लोक 1.3.112  |
एइ श्लोकेर अर्थ कहि सक्षेपेर सार ।
भक्तेर इच्छाय कृष्णेर सर्व अवतार ॥112॥ |
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| अनुवाद |
| इस श्लोक का सार यह है कि भगवान कृष्ण अपने शुद्ध भक्तों की इच्छा के कारण ही अपने असंख्य शाश्वत रूपों में प्रकट होते हैं। |
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| The meaning of this verse is that the Lord appears in His innumerable eternal forms at the will of His pure devotees. |
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