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श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 1: आदि लीला  »  अध्याय 2: पूर्ण पुरुषोत्तम भगवान् श्री चैतन्य महाप्रभु  »  श्लोक 61
 
 
श्लोक  1.2.61 
अवतारी नारायण, कृष्ण अवतार ।
तेह चतुर्भुज, इँह मनुष्य - आकार ॥61॥
 
 
अनुवाद
चूँकि नारायण के चार हाथ हैं जबकि कृष्ण मनुष्य जैसे दिखते हैं, इसलिए वे कहते हैं कि नारायण आदि भगवान हैं जबकि कृष्ण एक अवतार हैं।
 
Since Narayana has four hands, while Krishna looks like a human being, they say that Narayana is the original God, while Krishna is merely an incarnation.
तात्पर्य
कुछ विद्वानों का तर्क है कि क्योंकि नारायण के चार हाथ हैं जबकि श्रीकृष्ण के केवल दो हैं, नारायण ही परम भगवान हैं और कृष्ण उनके अवतार हैं। ऐसे मूर्ख विद्वान परम तत्व के लक्षणों को नहीं समझते हैं।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)