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अनुवाद
"इन छह प्रकार के रूपों में असंख्य भेद हैं। यद्यपि ये अनेक हैं, फिर भी ये सब एक ही हैं: इनमें कोई भेद नहीं है।
There are countless variations of these six forms. Although they are many, they are all one. There is no difference between them.
तात्पर्य
भगवान का व्यक्तित्व छह अलग-अलग प्रकार में प्रकट होता है: 1) प्रभाव, 2) वैभव, 3) सशक्त अवतार, 4) आंशिक अवतार, 5) बाल्यकाल और 5) किशोरावस्था। भगवान श्री कृष्ण, जिनका स्थायी रूप किशोरावस्था है, इन छह रूपों में लीलाएँ करके अपनी अलौकिक प्रवृत्तियों का आनंद लेते हैं। इन छह विशेषताओं में भगवान के रूपों के असीमित विभाजन हैं। जीव, या जीवित प्राणी, भगवान के विभेदित भाग और पार्सल हैं। वे सभी एक के बिना दूसरे, भगवान के सर्वोच्च व्यक्तित्व के विविधताएं हैं।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥