श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 1: आदि लीला  »  अध्याय 17: चैतन्य महाप्रभु की युवावस्था की लीलाएँ  »  श्लोक 96
 
 
श्लोक  1.17.96 
श्रीवास बलेन , - ये तोमार नाम लय ।
तार कोटि अपराध सब हय क्षय ॥96॥
 
 
अनुवाद
श्रीवास ठाकुर ने उत्तर दिया, "जो कोई आपका पवित्र नाम लेता है, वह अपने एक करोड़ अपराधों को तुरंत नष्ट कर देता है।
 
Srivasa Thakura replied, “One who chants your holy name, even one crore sins of his are instantly destroyed.”
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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