vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य चरितामृत
»
लीला 1: आदि लीला
»
अध्याय 17: चैतन्य महाप्रभु की युवावस्था की लीलाएँ
»
श्लोक 175
श्लोक
1.17.175
काजी बले - सभे तोमाय बले ‘गौरहरि’ ।
सेइ नामे आमि तोमाय सम्बोधन करि ॥175॥
अनुवाद
काजी ने कहा, "सब लोग आपको गौरहरि कहते हैं। कृपया मुझे आपको इसी नाम से पुकारने दीजिए।"
The Qazi said, "Everyone calls you Gaurahari. Please let me call you by that name too."
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×