श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 1: आदि लीला  »  अध्याय 16: महाप्रभु की बाल्य तथा कैशोर लीलाएँ  »  श्लोक 75
 
 
श्लोक  1.16.75 
चतुर्थ - चरणे चारि ‘भ’ - कार - प्रकाश ।
अतएव शब्दालङ्कार अनुप्रास ॥75॥
 
 
अनुवाद
चौथी पंक्ति में 'भ' अक्षर चार बार आया है। अनुप्रास की यह व्यवस्था ध्वनियों का एक मनभावन अलंकारात्मक प्रयोग है।
 
"The letter 'bh' appears four times in the fourth stanza. Thus, the verse contains a sweet figure of speech called alliteration."
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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