श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 1: आदि लीला  »  अध्याय 16: महाप्रभु की बाल्य तथा कैशोर लीलाएँ  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  1.16.4 
एइ त’ कैशोर - लीलार सूत्र - अनुबन्ध ।
शिष्य - गण पड़ाइते करिला आरम्भ ॥4॥
 
 
अनुवाद
ग्यारह वर्ष की आयु में श्री चैतन्य महाप्रभु ने विद्यार्थियों को शिक्षा देना प्रारंभ किया। यहीं से उनके कैसर युग का प्रारंभ हुआ।
 
Sri Chaitanya Mahaprabhu began teaching students at the age of eleven. This marked the beginning of his adolescence.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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