श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 1: आदि लीला  »  अध्याय 16: महाप्रभु की बाल्य तथा कैशोर लीलाएँ  »  श्लोक 17
 
 
श्लोक  1.16.17 
ताहाँ आमा - सङ्गे तोमार हबे दरशन ।
आज्ञा पाञा मिश्र कैल काशीते गमन ॥17॥
 
 
अनुवाद
भगवान ने तपन मिश्र को आश्वासन दिया कि वे वाराणसी में पुनः मिलेंगे। यह आदेश पाकर तपन मिश्र वहाँ गए।
 
Mahaprabhu assured Tapan Mishra that they would meet again in Varanasi. Upon receiving this permission, Tapan Mishra left for Varanasi.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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