श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 1: आदि लीला  »  अध्याय 16: महाप्रभु की बाल्य तथा कैशोर लीलाएँ  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  1.16.10 
सेइ देशे विप्र, नाम - मिश्र तपन ।
निश्चय करिते नारे साध्य - साधन ॥10॥
 
 
अनुवाद
पूर्वी बंगाल में तपन मिश्र नामक एक ब्राह्मण था, जो जीवन का उद्देश्य या उसे प्राप्त करने का तरीका नहीं जान पा रहा था।
 
There was a Brahmin named Tapan Mishra in East Bengal, who was unable to decide what was the purpose of life and how to achieve it.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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