श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 1: आदि लीला  »  अध्याय 15: महाप्रभु की पौगण्ड-लीलाएँ  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  1.15.9 
माता बले , - ताइ दिब, या तुमि मागिबे ।
प्रभु कहे, - एकादशीते अन्न ना खाइबे ॥9॥
 
 
अनुवाद
उसकी माँ ने उत्तर दिया, “मेरे प्यारे बेटे, तुम जो भी माँगोगे, मैं तुम्हें दूँगी।” तब भगवान ने कहा, “मेरी प्यारी माँ, कृपया एकादशी के दिन अन्न न खाओ।”
 
His mother said, “My dear son, I will give you whatever you ask for.” Then Mahaprabhu said, “Dear mother, please do not eat food on Ekadashi.”
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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