श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 1: आदि लीला  »  अध्याय 14: श्री चैतन्य महाप्रभु की बाल-लीलाएँ  »  श्लोक 66
 
 
श्लोक  1.14.66 
प्रभु कहे, ‘आमा’ पूज, आमि महेश्वर ।
आमारे पूजिले पाबे अभीप्सित वर’ ॥66॥
 
 
अनुवाद
भगवान ने लक्ष्मी से कहा, "बस मेरी पूजा करो, क्योंकि मैं ही परमेश्वर हूँ। यदि तुम मेरी पूजा करोगी, तो तुम्हें अवश्य ही मनचाहा वरदान मिलेगा।"
 
Mahaprabhu said to Lakshmi, "Worship me, for I am the Supreme Lord. If you worship me, you will surely receive the boon you desire."
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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