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श्री चैतन्य चरितामृत
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अध्याय 13: श्री चैतन्य महाप्रभु का आविर्भाव
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श्लोक 85
श्लोक
1.13.85
आमार हृदय हैते गेला तोमार हृदये ।
हेन बुझि, जन्मिबेन कोन महाशये ॥85॥
अनुवाद
"मेरे हृदय से यह आपके हृदय में प्रवेश कर गया। इसलिए मैं समझता हूँ कि शीघ्र ही एक महान व्यक्तित्व का जन्म होगा।"
"Then it passed from my heart into yours. So I feel that soon a great man will be born."
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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