श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 1: आदि लीला  »  अध्याय 13: श्री चैतन्य महाप्रभु का आविर्भाव  »  श्लोक 72
 
 
श्लोक  1.13.72 
जगन्नाथमिश्र - पत्नी शचीर उदरे ।
अष्ट कन्या क्रमे हैल, जन्मि’ जन्मि’ मरे ॥72॥
 
 
अनुवाद
भगवान चैतन्य महाप्रभु के जन्म से पूर्व, जगन्नाथ मिश्र की पत्नी शचीमाता के गर्भ से एक के बाद एक आठ पुत्रियाँ उत्पन्न हुईं। किन्तु जन्म के तुरंत बाद ही वे सभी मर गईं।
 
Before the birth of Chaitanya Mahaprabhu, eight daughters had been born to Jagannatha Mishra's wife, Shachimata, one by one. But all of them died soon after birth.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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