श्री चैतन्य चरितामृत  »  लीला 1: आदि लीला  »  अध्याय 13: श्री चैतन्य महाप्रभु का आविर्भाव  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  1.13.11 
चब्बिश वत्सर - शेषे करिया सन्न्यास ।
आर चब्बिश वत्सर कैल नीला चले वास ॥11॥
 
 
अनुवाद
चौबीस वर्षों के पश्चात उन्होंने संन्यास ग्रहण किया और चौबीस वर्षों तक जगन्नाथ पुरी में निवास किया।
 
After twenty-four years he took sanyas and lived in Jagannath Puri for the next twenty-four years.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)