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श्री चैतन्य चरितामृत
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लीला 1: आदि लीला
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अध्याय 13: श्री चैतन्य महाप्रभु का आविर्भाव
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श्लोक 10
श्लोक
1.13.10
चब्बिश वत्सर प्रभु कैल गृह - वास ।
निरन्तर कैल कृष्ण - कीर्तन - विलास ॥10॥
अनुवाद
चौबीस वर्षों तक भगवान चैतन्य गृहस्थ आश्रम में रहे और सदैव हरे कृष्ण आंदोलन की लीलाओं में संलग्न रहे।
Sri Chaitanya Mahaprabhu lived in the householder stage for twenty-four years and was always busy in the pastimes of the Hare Krishna movement.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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