vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 3: अंत्य-खण्ड
»
अध्याय 9: अद्वैत आचार्य की महिमा
»
श्लोक 88
श्लोक
3.9.88
অদ্বৈত-সিṁহের করি’ পূর্ণ মনস্-কাম
বাসায চলিলাশ্রী-চৈতন্য-ভগবান্
अद्वैत-सिꣳहेर करि’ पूर्ण मनस्-काम
वासाय चलिलाश्री-चैतन्य-भगवान्
अनुवाद
सिंह सदृश अद्वैत की इच्छा पूरी करने के बाद भगवान चैतन्य अपने निवास स्थान पर लौट आये।
After fulfilling the desire of the lion-like Advaita, Lord Chaitanya returned to His abode.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×