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श्लोक 3.9.87  |
ভক্তি করি’ যে শুনযে এ সব আখ্যান
কৃষ্ণে ভক্তি হয তার সর্বত্র কল্যাণ |
भक्ति करि’ ये शुनये ए सब आख्यान
कृष्णे भक्ति हय तार सर्वत्र कल्याण |
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| अनुवाद |
| जो कोई भी भक्तिपूर्वक इन लीलाओं को सुनता है, उसे भगवान कृष्ण की परम शुभ भक्ति प्राप्त होती है। |
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| Whoever listens to these pastimes with devotion attains the supreme auspicious devotion of Lord Krishna. |
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